टाइल्स के नीचे की खाली जगह: एक टिक-टिक करता बम 💣🦶
क्या आपके घर में फर्श पर चलते समय किसी खास जगह पर 'डब-डब' या 'खोखली' (Hollow) आवाज़ आती है? अगर हाँ, तो यह इस बात का सबूत है कि आपके ठेकेदार ने टाइल्स लगाते समय बहुत बड़ी लापरवाही की है। टाइल्स के नीचे यह खाली जगह न सिर्फ आवाज़ करती है, बल्कि यह आपके पूरे फर्श को बर्बाद कर सकती है!
AMS Civil Construction की टीम जब फ्लोरिंग ऑडिट करने जाती है, तो 60% घरों में यह समस्या पाई जाती है। आइए जानते हैं ऐसा क्यों होता है और इसका पक्का इलाज क्या है।
1. टाइल के नीचे खाली जगह (Hollow Space) क्यों छूट जाती है?
इसके पीछे 'अनाड़ी मिस्त्री' की तीन सबसे बड़ी गलतियां होती हैं:
- सीमेंट का मसाला सही से न बिछाना: मिस्त्री टाइल के नीचे सीमेंट और रेत का जो मसाला (Mortar) बिछाता है, वह उसे बिल्कुल समतल (Level) नहीं करता। कहीं मसाला ज़्यादा होता है, कहीं कम। जहाँ मसाला कम होता है, वहाँ खाली हवा (Air pocket) रह जाती है।
- टाइल को ठीक से न पीटना (Tapping): टाइल को मसाले पर रखने के बाद उसे रबर के हथौड़े (Rubber Mallet) से अच्छी तरह पीटना होता है ताकि टाइल का हर हिस्सा सीमेंट से चिपक जाए। अगर मिस्त्री जल्दबाज़ी करता है, तो खाली जगह रह जाती है।
- घटिया क्वालिटी का केमिकल/सीमेंट: आजकल बड़ी Vitrified टाइल्स (जैसे 2x4 या 4x8 फुट) लगाने के लिए सिर्फ सीमेंट काफी नहीं होता। इसके लिए खास 'टाइल एडहेसिव केमिकल' (Tile Adhesive) लगाना ज़रूरी होता है। केमिकल न लगाने पर टाइल कुछ दिनों बाद सीमेंट को छोड़ देती है।
2. खाली जगह रहने से क्या बड़े नुकसान होते हैं? ⚠️
अगर आपको लगता है कि सिर्फ आवाज़ ही तो आ रही है, तो आप गलत हैं। इसके अंजाम बहुत बुरे हो सकते हैं:
- टाइल का बीच से टूट जाना: अगर टाइल के नीचे मसाला नहीं है, और उस जगह पर गलती से कोई भारी चीज़ (जैसे गैस सिलेंडर या भारी बर्तन) गिर गई, तो टाइल तुरंत शीशे की तरह टूट जाएगी।
- 'पॉपिंग अप' (Popping Up): गर्मियों के दिनों में जब घर का तापमान बढ़ता है, तो टाइल फैलती (Expand) है। अगर नीचे खाली जगह है, तो हवा फैलेगी और प्रेशर बनाएगी। इससे कई बार पूरी की पूरी टाइल धमाके की आवाज़ के साथ खुद-ब-खुद उखड़ कर बाहर आ जाती है।
- कीड़े और पानी का जमाव: खाली जगह में धीरे-धीरे पोछे का पानी जाने लगता है। इससे घर के अंदर सीलन आती है और वहाँ कॉकरोच व छोटे कीड़े पनपने लगते हैं।
3. इस समस्या से बचने का 100% सही तरीका (Best Practice) ✅
अगर आप नया घर बनवा रहे हैं, तो अपने ठेकेदार से ये 3 काम करने को ज़रूर कहें:
- लेज़र लेवलिंग (Laser Leveling): हमेशा लेज़र मशीन का इस्तेमाल करके फर्श का ढलान (Slope) और मसाला सेट करवाएं। इससे 1 मिलीमीटर का भी फर्क नहीं आता।
- एडहेसिव (Tile Adhesive) का इस्तेमाल: विट्रीफाइड टाइल्स को 'Back-buttering' तकनीक से लगाना चाहिए। यानी टाइल के पिछले हिस्से (पीछे की तरफ) पर केमिकल की एक लेयर लगानी चाहिए और फिर उसे मसाले पर रखना चाहिए। इससे 100% पकड़ (Bonding) बनती है।
- स्पेसर (Tile Spacers) का इस्तेमाल: 2 टाइल्स को कभी भी एक-दूसरे से पूरी तरह चिपका कर (Paper Joint) न लगवाएं। उनके बीच हमेशा 2mm या 3mm का 'Spacer' रखें और उस जगह को Epoxy Grout से भरें। इससे टाइल को गर्मियों में फैलने की जगह मिलती है और वो टूटती नहीं है।
निष्कर्ष
फ्लोरिंग एक बार होती है और रोज़ पैरों के नीचे रहती है। इसमें की गई छोटी सी गलती आपको रोज़ परेशान करेगी। अगर आप मुंबई या महाराष्ट्र में 100% लेवल, बिना किसी 'Hollow Sound' वाली परफेक्ट फ्लोरिंग चाहते हैं, तो AMS Civil Construction के एक्सपर्ट इंजीनियरों को काम सौंपें!