विरार में वॉटरप्रूफिंग क्यों ज़रूरी है?

विरार में बारिश बहुत तेज़ होती है। बरसात के मौसम में ग्लोबल सिटी और विरार ईस्ट के कई घरों में छतों (Terrace) से पानी टपकना, दीवारों में सीलन आना और पेंट पपड़ी बनकर गिरने जैसी समस्याएँ आम हैं।

अगर समय रहते इसका इलाज नहीं किया गया, तो पानी बिल्डिंग के पिलर और सरिये (RCC) को अंदर से खोखला कर सकता है।

वॉटरप्रूफिंग के सबसे अच्छे तरीके

  • छत की वॉटरप्रूफिंग (Terrace Waterproofing): अगर आप सबसे ऊपरी मंज़िल (Top Floor) पर रहते हैं या आपका अपना बंगला है, तो 'ब्रिक बैट कोबा' (Brick Bat Coba) के साथ डॉ. फिक्सिट (Dr. Fixit) केमिकल का इस्तेमाल सबसे पक्का और लंबा चलने वाला इलाज है।
  • बाथरूम की लीकेज (Bathroom Leakage): फ्लैट्स में सबसे ज़्यादा लीकेज बाथरूम से होती है। इसके लिए पुरानी टाइल्स निकालकर, नीचे केमिकल की परत बिछाकर दोबारा नई टाइल्स लगानी पड़ती है।
  • बाहरी दीवारों का बचाव: बाहरी दीवारों पर दरारें भरने के लिए खास वॉटरप्रूफ प्राइमर और इलास्टिक पेंट का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे बारिश का पानी अंदर नहीं आ पाता।

विरार में वॉटरप्रूफिंग का खर्च (2026)

छत की पक्की वॉटरप्रूफिंग का खर्च लगभग ₹80 से ₹150 प्रति स्क्वायर फीट के बीच आता है। वहीं बाथरूम की लीकेज ठीक करने और दोबारा टाइल्स लगाने का काम ₹25,000 से शुरू होता है।

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