मुंबई की सोसायटियों का सबसे बड़ा झगड़ा: छत से पानी टपकना

मुंबई की हाउसिंग सोसायटियों में यह समस्या बहुत आम है—ऊपर वाले फ्लैट के बाथरूम या किचन की वजह से नीचे वाले फ्लैट की छत से पानी टपकना। इससे न सिर्फ पेंट खराब होता है, बल्कि पड़ोसियों के बीच बड़े झगड़े भी होते हैं।

मरम्मत का खर्च कौन उठाएगा? (सोसाइटी के नियम)

महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी (CHS) के नियमों के अनुसार:

  • फ्लैट से फ्लैट की लीकेज (Internal Leakage): अगर पानी ऊपर वाले फ्लैट के बाथरूम (टूटी टाइल्स या खराब पाइप) से आ रहा है, तो ऊपर वाले फ्लैट के मालिक को ही 100% खर्च उठाकर उसे ठीक करवाना होगा।
  • बाहरी दीवार या छत (Terrace) की लीकेज: अगर पानी बिल्डिंग की बाहरी दीवार या सोसाइटी की छत से आ रहा है, तो इसे ठीक कराने की ज़िम्मेदारी सोसाइटी कमेटी की होती है।

आप क्या कर सकते हैं?

  1. पड़ोसी से बात करें: सबसे पहले अपने ऊपर वाले पड़ोसी को शांति से बताएं, क्योंकि कई बार उन्हें पता ही नहीं होता कि नीचे पानी टपक रहा है।
  2. सोसाइटी में शिकायत (Complaint): सोसाइटी के सेक्रेटरी को लिखित शिकायत दें। सोसाइटी ऊपर वाले मेंबर को एक तय समय में लीकेज ठीक करने का नोटिस देगी।
  3. BMC या कानूनी कार्रवाई: अगर पड़ोसी फिर भी न माने, तो आप या सोसाइटी BMC में स्वास्थ्य और बिल्डिंग को खतरे का हवाला देकर शिकायत कर सकते हैं।

लीकेज का पक्का और स्थायी इलाज

नीचे से अपनी छत पर सीमेंट या केमिकल लगाने से लीकेज कभी ठीक नहीं होती; पानी कोई दूसरा रास्ता बना लेता है। लीकेज को हमेशा सोर्स (ऊपर वाले फ्लैट) से ठीक करना पड़ता है।

  • प्रक्रिया: ऊपर वाले फ्लैट के बाथरूम की फर्श की टाइल्स तोड़ी जाती हैं। पाइपलाइन चेक की जाती है। उसके बाद पूरे फर्श पर पक्की केमिकल वॉटरप्रूफिंग (Dr. Fixit) की जाती है। पानी भरकर 48 घंटे टेस्ट करने के बाद ही नई टाइल्स लगाई जाती हैं।

क्या आपके घर में भी लीकेज की समस्या है? आज ही मंडल सिविल वर्क्स को कॉल करें। हम लीकेज की जड़ का पता लगाकर उसका पक्का इलाज करते हैं!